Elephant Mary ki kahani:- जब लगी फांसी हाथी को तब मौत मानवता की हुई थी।

कहानी के अंत में सब सही हो जाता है लेकिन यह सब बातें Elephant Mary ki kahani में नहीं है, सिर्फ कुछ ही कहानी तक सीमित है। क्योंकि बाकी कहानियों में दुख है और भयानक दर्द अब आप Elephant Mary ki kahani ही ले लीजिए यह कहानी न ही आपके आंसू ले आएगी बल्कि मानवता पर सबसे ज्यादा गुस्सा भी लाएगी।

Elephant Mary ki kahani हर उस इंसान को जाननी चाहिए जिन्हें अभी भी यकीन है की मानवता जिंदा है। बल्कि आज सभी को Asli Satya से रूबरू किया जाने की कोशिश रहेंगी हमारी, यह बताने की कोशिश रहेगी कि मानवता का कत्ल कहीं सालों पहले ही हो चुकी थी और आज भी अलग अलग रूप में मानवता की मौत होती रहती है।

हम इंसान दुनिया में सबसे मतलबी हैं। अपने मतलब के लिए हम किसी इंसानों को नहीं छोड़ते जानवर तो फिर भी बेजुबान होते हैं। Elephant Mary ki kahani ऐसी दास्तान की कहानी है जिसमें इंसानों के इसी मतलबी होने की सच्चाई बताई गई है। आपको इंसानों के बारे में असली facts जानने के लिए यह कहानी जरूर पढ़नी चाहिए। दोस्तों इस पोस्ट के पब्लिश होने की 13 सितंबर है और आज के दिन से ही जुड़ी यह Elephant Mary ki Story है जिसे कुछ अपराध के कारण “Murderous Mary” का नाम दिया गया था। लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि उस हाथी को एक ऐसी सजा मिली जिसे मात्र पढ़कर रूह कांप जाएगी।

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Elephant Mary ki kahani | मैरी की कहानी

देश दुनिया में अब काफी बदलाव आ चुका है अब हम इंसानों के पास अपने मनोरंजन के लिए काफी कुछ मौजूद है लेकिन पहले के वक्त काफी मनोरंजन के मध्यम कम होते थे। उन्ही में से एक था सर्कस। Elephant Mary उर्फ Murderous Mary ki kahani भी इसी मनोरंजन का केंद्र सर्कस से शुरू होती है।

साल 1894 में मैरी नामक हथिनी एक एशियन हाथी थी। अमेरिका के चार्ली स्पार्क्स जो के उस वक्त अमेरिका के सबसे पॉपुलर में से एक सर्कस शो चलाते थे, जिस शो का नाम था “स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शो”। इसी सर्कस की मुख्य एंप्लॉई Elephant Mary थी।

मैरी हथिनी का वजन 5 टन के करीब होने के बावजूद वह हर कलाबाजी करने में सक्षम थी। अपने इसी कलाबाजी के कारण सर्कस कंपनी ने काफी मूल्य बटोरे।

Elephant Mary का रिलेशन अपने केयर टेकर के साथ काफी बेहतर बन गया था। केयर टेकर और हथिनी मैरी एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझने लगे थे लेकिन फिर Elephant Mary ki kahani में काफी बड़ा ट्विस्ट आता है। मैरी के केयर टेकर की सर्कस के ऑनर Charlie Sparks के साथ कुछ मतबध होने के कारण मैरी के केयर टेकर ने सर्कस को हमेशा के लिए छोड़ दिया।

11 September 1916 को सर्कस ऑनर ने Red Eldridge नामक एक व्यक्ति को मैरी का केयर टेकर रखा। यह नया केयर टेकर ट्रेंड नहीं था बल्कि वह बंजारा था न ही उसके पास घर था और न ही जॉब था। मैरी को वह संभालने में असक्षम था हालांकि मैरी ने काफी कोशिश की नए ट्रेनर के साथ एडजस्ट कर पाए लेकिन एडजस्ट होने में भी समय लगता है। यह बात सर्कस के मालिक को भी पता थी लेकिन अब वे यह रिस्क ले चुके थे। दो दिन बाद यानी 13 सितंबर को अमेरिका के Kingsport शहर Tennessee राज्य में सर्कस का रोड शो आयोजन होना था जिसमें सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र Elephant Mary ही थी।

इस रोड शो में मैरी के ऊपर ही उसका केयर टेकर Red Eldridge बैठा था। रोड शो के दौरान मैरी को काफी भूख लगने लगी और उसकी नजर रोड के दूसरे तरफ लगे फल और सब्जियों के ठेलों पर गई जिसको देख मैरी खुद को रोक न पाई और रोड शो छोड़ उन ठेलों के सामने बेकाबू दौड़ लगाने लगी।

भूख को कंट्रोल इंसान कर सकता है जानवर नहीं शायद यह बात उस वक्त मैरी के केयर टेकर को याद न आई और उसने भूख से बेहाल Elephant Mary को काबू में लाने के लिए मैरी पर चाबुक से वार कर दिए। जिससे मैरी के जिस्म के कई हिस्सों से खून निकलने लगा।

इस चोट से मैरी को गुस्सा आना लाजमी था। गुस्सा वह इमोशन है जो किसी की भी सोचने की क्षमता को छीन सकता है चाहे कोई कितना सहनशील हो। गुस्से में मैरी ने उसके ऊपर बैठे Red Eldridge को नीचे जमीन पर पटका और उसपर अपने पैर का भार रख दिया जिससे केयर टेकर की मौत हो गई।

यह दृश्य देखकर रोड शो देखने आए हजारों लोग मैरी को मारने लगे जिनमें से कुछ उसी सर्कस में ही काम करते थे। कुछ समय पहले जो मैरी उन सर्कस के हर व्यक्ति के लिए एक पैसे कमाने का मार्ग थी 13 सितंबर 1916 के दिन उसी को मारने के लिए उतारू हो गए थे। उस समय शायद न ही कोई जानवर बचाओ आंदोलन हुआ और न ही किसी का धरना भरे बाजार में सर्कस वालों ने ही क्रेन से लटका कर और उस मैरी नामक हथिनी को “Murderous Mary” का नाम देकर इंसानियत की मौत का परचम फहरा दिया।

दोस्तों कुछ तारीख हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में लिखे जाते हैं तो कुछ भयानक तारीख बन कर रह जाती है। 13 सितंबर 1916 यानी आज के साल से ठीक 105 साल पूर्व हुई इस घटना को इंसानियत का काला दिन सोचकर हमेशा याद किया जाएगा।

FAQ

  1. Elephant Mary kis Circus ki employee thi?

    Elephant Mary अमेरिका के उस वक्त के मशहूर सर्कस शो “स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शो” की एम्प्लॉय थी, जिसे चार्ली स्पार्क्स चलाते थे।

  2. Elephant Mary ka weight kitna tha?

    Elephant Mary का वजन 5 टन के करीब था। विकिपीडिया पेज पर छपी जानकारी की माने तो 4500 किलोग्राम के करीब था।

  3. Elephant Mary ko Murderous Mary Kyun kaha jata hai?

    मैरी को उसके केयर टेकर द्वारा जब कंट्रोल करने के लिए चाबुक मारे गए तब चोटिल हुई हथिनी मैरी ने गुस्से में उसके केयर टेकर के ऊपर पैर रखा गया जिस कारण केयर टेकर की मौत हो गई और हथिनी मैरी यह अनचाहा नाम दिया गया।

दोस्तों यह थी 13 सितंबर से संबंधित ऐसे Facts जो शायद आपने सोचा नहीं होगा की एक जानवर को फांसी हुई। इंसान लाखों गुनाह करके भी ऐसे रहते हैं की मामूली गलती है लेकिन उसी इंसान ने एक हथिनी को सिर्फ इसीलिए दोषी ठहराया गया क्योंकि मैरी ने गुस्से में पैर रख दिया अपने केयर टेकर पर। Elephant Mary ki kahani हम इंसानों पर एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा करती है की इंसान अपने मतलब के लिए सिर्फ एक पक्ष की बात सुनता है लेकिन बेजुबानों जानवरों का कौन पक्ष लेगा कोई नहीं जानता।

धन्यवाद।

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