फिल्मों के रोचक तथ्य | Movies Facts in Hindi

फिल्मों का एक आम इंसान की जिंदगी में बड़ा गहरा प्रभाव होता है, तभी ज्यादातर लोग फिल्मों के रोचक तथ्य (Movies Facts in Hindi) जानने में इच्छुक रहते हैं। यह तो हम सभी जानते हैं कि फिल्मों की दुनिया जैसे बाहर से लगती है भीतर से उतने ही राज छुपाए हुए है। 

साल दर साल जब कैलेंडर में तारीख बदलती हैं तो साथ में हर शुक्रवार को लाती है नई फिल्में कुछ काफी पॉपुलर होती हैं तो कुछ फ्लॉप में गिनी जाती है, यह सिलसिला तकरीबन 100 साल से चल रहा है।

हर फिल्म अपने साथ कई राज़ छुपाती है यह दरअसल कई बार मार्केटिंग करने का भी तरीका होता है। जो फिल्मों को हिट करने के लिए इस्तेमाल में लाए जाते हैं। दोस्तों आज इस पोस्ट के जरिए हम फिल्मों के रोचक तथ्य (Movies Facts in Hindi) जानेंगे। 

लेकिन किसी भी विषय के बारे में रोचक तथ्य जानना हो तो उससे पहले हमें उसके इतिहास के बारे में जानना होगा क्योंकि कई रोचक तथ्य इन्हीं में छिपे होते हैं। 

Table of Contents

भारतीय फिल्मों का इतिहास

दोस्तों फिल्म देखने का क्रेज हर उम्र के लोगों में हैं, क्योंकि फिल्में लोगों की दौड़ भागती जिंदगी में कुछ पल फुर्सत के दे जाती है। फिल्में कई भिन्न भिन्न तरह की बनती है कुछ इतिहास के पन्नों पर निर्भर होती हैं तो कुछ भविष्य की नींव रखती है और कई फिल्में वर्तमान पर आधारित होती हैं। भारतीय फिल्मों ने अपने 100 सालों के सफर में दर्शकों को काफी अचंभित कर देने वाली मूवीज से रूबरू कराया।

भारतीय मूवीज हर भाषा में अपनी छाप छोड़ती है। भारतीय फिल्में मात्र हिंदी भाषा तक सीमित नहीं, जैसे भारत के हर राज्य में कल्चर बदलते हैं भाषाएं बदलती है ठीक इसी तरह फिल्मों में भी अलग अलग भाषाएं है जैसे Punjabi Movies, South Movies, और Bengali Movies जिनके अपने भिन्न इतिहास हैं।

अगर फिल्मों के इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है की यूं तो भारत में फिल्मों की शुरुआत सन् 1896 में ल्युमेरे ब्रदर्स जो की ब्रिटिश फिल्मेकर थे उनकी फिल्म प्रदर्शन से हो चली थी लेकिन फिल्में बनने की शुरुआत दादा साहेब फाल्के जी ने अपनी फिल्म से की जिसका नाम ‘राजा हरिश्चंद्र’ थी। यह भारत में बनी पहली लंबी फिल्म थी जो साल 1913 को रिलीज़ हुई थी।

शुरुआत में भारत में फिल्मों का चलन इतना अच्छा नहीं था, लेकिन साल 1920 में कई निर्माता कंपनी इसमें बढ़ चढ़ कर आने लगी। 

हिंदी फिल्मों के साथ साथ क्षेत्रीय फिल्में भी तरक्की की तरफ बढ़ने लगी साल 1917 में सबसे पहली Bengali Movies की लिस्ट में नल दमयंती नामक फिल्म शामिल हुई। यह फिल्म बिना ऑडियो की थी, पहली बंगाली ध्वनि मूवी ‘जमाई षष्ठी’ थी। 

इसी तरह पहली South movies में ‘कीचक वधम’ का नाम लिया जाता है इसे 1919 में प्रदर्शित किया गया। Punjabi Movies ने बाकी क्षेत्रीय भाषाओं की तुलना में थोड़ा देर से शुरुआत की लेकिन आज के समय में पंजाबी फिल्में खासकर कॉमेडी जोनर में अपना मुकाम हासिल करती है। पहली पंजाबी मूवी ‘इश्के पंजाब’ थी जो साल 1932 में बननी शुरू हुई थी और साल 1935 में प्रदर्शित। 

लेकिन दोस्तों इस दौरान भी फिल्में भारत में लोकप्रिय ज्यादा नहीं थी, क्योंकि फिल्में देखना उस समय काफी महंगा माना जाता था कारण भारतीयों के पास ज्यादा धन दौलत नहीं थी, लेकिन देश आज़ाद होने के बाद फिल्मों की रूपरेखा बदलने लगी सत्यजीत राय, बिमल रॉय और फिर बड़े बड़े अभिनेताओं की एंट्री ने फिल्मों की ओर लोगों को आकर्षित किया। 

1990 में तो फिल्म के हर डिपार्टमेंट में सुपरस्टार मौजूद रहे जिन्होंने अपने हुनर से भारतीय सिनेमा की पहचान पूरे विश्व में करवाई। जैसे शाहरुख खान, सलमान खान, अजय देवगन इतियादी इस दौर के हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार रहे।

दोस्तों इस पोस्ट को दो क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में बांटा गया है जिनके रोचक तथ्य जानकर आप हैरान हो जाएंगे। 

बॉलीवुड फिल्मों के रोचक तथ्य | Bollywood Movies Facts in Hindi

दोस्तों बॉलीवुड फिल्मों के कलाकारों की चकाचौंध भरी जिंदगी युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करती है, हर साल लाखों लोग इसी दुनिया का हिस्सा बनने के लिए मुंबई शहर में खुद को आजमाने आते हैं ताकि बड़े पर्दे पर खुद को देख सकें और पोस्टरों में भी। 

दोस्तों कुछ फिल्में देखने के बाद ही युवाओं में यह उम्मीद जगने लग जाती है कि वे सब कुछ जानते हैं बॉलीवुड फिल्मों के बारे में, लेकिन ऐसा नहीं हैं। इसमें हम कुछ ऐसे रोचक तथ्य आपके सामने पेश करेंगे जो आपके ज्ञान को बढ़ाएगा। 

एकदम ‘झकास’ अनिल कपूर का परिवार रहा राज कपूर के गैरेज में

यूं तो साइंस में कहा जाता है की उम्र के बढ़ने के साथ इंसान बुजुर्ग होने लग जाता है, कमजोर होने लग जाता है लेकिन बॉलीवुड के सुपरस्टार अनिल कपूर पहले की तरह आज भी एक दम ‘झकास’ दिखते हैं, आज वे किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं लेकिन शुरुआत में अपने माता पिता के साथ उन्हें राज कपूर जी के गैरेज में शरण लेनी पड़ी थी। 

तीन भाषा में बनी थी यह फिल्म

फिल्मों के शौकीन लोग आज भी मुगल-ए-आजम बेहतरीन फिल्मों के रूप में गिनते हैं। इस फिल्म में सभी कलाकारों की अदाकारा काबिले तारीफ थी। यह फिल्म तीन भाषा हिंदी, तमिल और अंग्रेजी में शूट की गई थी लेकिन तमिल वर्जन के फ्लॉप होने के कारण अंग्रेजी वर्जन को कभी लॉन्च नहीं किया गया।

भारत में फिल्म मेकिंग डिग्री पहली बार प्राप्त इन्हें हुआ

आज के समय किसी भी विषय में डिग्री लेना कोई मुश्किल नहीं रहा क्योंकि हर तरह के विषयों के इंस्टीट्यूट भारत में मौजूद हैं लेकिन फिल्मों के शुरुआती दौर में फिल्म मेकिंग डिग्री पाना बेहद मुश्किल माना जाता था। भारत में फिल्म मेकिंग डिग्री प्राप्त करने वाली एक फिल्मी अभिनेत्री थी, जिनका नाम देविका रानी था। 

इस सॉन्ग को कहा जाता है सबसे लंबा गाना

दोस्तों अगर आपसे कोई गाने की लेंथ पूछें तो ज्यादा से ज्यादा आप इसके जवाब में 6 या 7 मिनट कहेंगे लेकिन क्या आपको मालूम है 2004 में आई फिल्म अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों का टाइटल ट्रैक कुल 20 मिनट लंबा था।

एफिल टॉवर के कर्ता धर्ता इस अभिनेत्री के हैं पड़ दादा

बॉलीवुड फिल्म की अभिनेत्री कल्कि कोचलिन के पड़ दादा एफिल टॉवर के लीड इंजीनियर थे इसके अलावा स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी में भी उन्होंने अपना योगदान दिया था।

यह लेख भी पढ़े:- भारतीय सिनेमा जगत(Bollywood) से जुड़े 5 तथ्य, 5 Interesting Facts about Indian Cinema (Bollywood)

दक्षिण भारतीय फिल्मों के रोचक तथ्य | South Movies Facts in Hindi

दोस्तों भारतीय फिल्मों की पहुंच पूरे विश्व में बनाने के लिए जितना योगदान हिंदी फिल्मों का है उतना ही क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों का भी है। South movies यूं तो शुरुआत में अपने विज्ञान को चुनौती देते एक्शन के लिए जानी जाती थी लेकिन आज के वक्त दक्षिण भारतीय फिल्मों में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के साथ दमदार कहानी इसकी तरफ लोगों को आकर्षित कर रही है। तभी South Movies काफी हिंदी भाषा में भी डब्ड की जा रही है। 

रजनीकांत साउथ फिल्मों के सुपरस्टार लेकिन जन्में नॉर्थ में

भारत के सबसे ज्यादा कामयाब एक्टरों में से एक रजनीकांत जी यूं तो साउथ फिल्मों में अपने अभिनय से चमके किंतु शायद ही कोई यह जानता हो की उनका जन्म दक्षिण भारत में नहीं बल्कि मुंबई में हुआ था। 

दक्षिण फिल्मों में हुए फेमस, तो आगे है गुड करियर ऑपर्च्युनिटी

साउथ फिल्मों में पॉपुलर कलाकार होने का सबसे ज्यादा फायदा यह है की साउथ फिल्मों को पसंद करने वाले प्रशंसक अपने कलाकारों को भगवान जैसा मान, सम्मान देते हैं यही कारण होता है की साउथ फिल्मों में अगर कोई कलाकार पॉपुलर हो जाता है तो उनका आगे नेता बनना काफी आसान हो जाता है। उदहारण के तौर पर अम्मा के नाम से मशहूर जयललिता जी। 

श्रीदेवी बन गई थी मां मात्र 13 वर्ष में

दक्षिण भारतीय फिल्म ‘मुंदरु मुडिचू’ में श्रीदेवी मात्र 13 साल की आयु में रजनीकांत जी की सौतेली मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री बनी। 80 के दशक की सबसे मशहूर अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली श्रीदेवी जी ने इस फिल्म में रजनीकांत जी की मां का रोल प्ले किया था। 

पहले इन चार फिल्म इंडस्ट्रियों को एक ही माना जाता था

दोस्तों पहले चार फिल्म इंडस्ट्री कॉलीवुड, टॉलीवुड, मल्लूवुड और सैंडलवुड सभी South Movies में ही गिने जाते थे क्योंकि इन सभी इंडस्ट्री का हेडक्वार्टर चेन्नई में ही था हालांकि आज भी इन चार इंडस्ट्रियों को साउथ मूवीज कहकर संबोधन किया जाता है।

क्रिएटिव फिल्में

दोस्तों साउथ फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है की भारतीय फिल्मों में सबसे ज्यादा क्रिएटिव फिल्में साउथ के डायरेक्टर ही बनाते हैं। इन फिल्मों में टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है, फिल्में जैसे रोबोट, आई, इतियादी।

निष्कर्ष

दोस्तों फिल्मों के रोचक तथ्य जानकर आपको कैसे लगा यह कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। 

फिल्मों के बारे में यह कहा जाता है की यह समाज का आइना होता है, जो सच भी है हालांकि फिल्म बनाने के समय डायरेक्टर के पास आजादी होती है सोचने की ताकत का इस्तेमाल करके वे Asli Satya को बदल कर मन मुताबिक स्टोरी को पेश करें लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे, हमारी पोस्ट के जरिए सच्चाई सामने लाते रहेंगे। 

धन्यवाद।

Leave a Comment